बस्ती मंडल न्यूज़ संवाददाता
अम्बेडकरनगर। जनपद में बिजली बिल वसूली को लेकर पावर कॉरपोरेशन ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। जिले के हजारों उपभोक्ताओं पर अरबों रुपये का बकाया होने के कारण विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों के एसडीओ (SDO) और जेई (JE) को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
आंकड़ों का खेल: 35 हजार उपभोक्ताओं पर अरबों की देनदारी
अम्बेडकरनगर जिले में बिजली उपभोक्ताओं की कुल संख्या लगभग 4.40 लाख है, जो 42 बिजली उपकेंद्रों से जुड़े हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, करीब 35,342 उपभोक्ताओं पर 3.64 अरब रुपये का बिल बकाया है। यदि पूरे जिले के कुल बकाए की बात करें, तो यह आंकड़ा लगभग 7 अरब रुपये तक जा पहुँचता है।
क्षेत्रवार बकाए की स्थिति: कहां कितना है बकाया?
बकाएदारों की सूची में वे उपभोक्ता शामिल हैं जिनका बिल 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक बकाया है। मुख्य क्षेत्रों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- आलापुर: यहाँ सबसे खराब स्थिति है, जहाँ बड़े बकाएदारों पर लगभग 127 करोड़ रुपये से अधिक का बिल बाकी है।
- अकबरपुर: यहाँ के उपभोक्ताओं पर करीब 113 करोड़ रुपये की देनदारी है।
- टांडा: इस क्षेत्र में लगभग 61 करोड़ रुपये का बकाया दर्ज किया गया है।
- जलालपुर: यहाँ भी करीब 61 करोड़ रुपये से अधिक का बिल जमा नहीं हुआ है।
छूट योजना के बावजूद नहीं पसीजे उपभोक्ता
हैरानी की बात यह है कि विभाग ने दिसंबर से जनवरी माह तक 'बिजली बिल राहत योजना' चलाई थी। इस योजना के तहत ब्याज पर 100% और मूल बकाए पर 25% तक की भारी छूट दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद इन हजारों उपभोक्ताओं ने बिल जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
अधिकारियों पर गिरी गाज
अधीक्षण अभियंता रजनीश श्रीवास्तव ने पुष्टि की है कि राजस्व वसूली में ढिलाई और बकाएदारों पर अंकुश न लगा पाने के कारण संबंधित जेई और एसडीओ को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया है। विभाग अब बड़े बकाएदारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर बिजली काटने और कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

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